Wednesday, June 13, 2012

 खोलता रगों मई लहू रना व शिवाजी वाला, लहू का उफान कभी चुकने न पायेगा.
पन्ना ढाई हाडा रानी का ये बलिदानी देश, क़ुरबानी मई कलेजा दुखने न पायेगा.
शेखर शुभस अशफाक की धरा है यहाँ, क्रांति का प्रवाह कभी रुकने न पायेगा.
सो करोड़ जनता के दिल मई लहरता ये लाडला तिरंगा कभी जुकने न पायेगा.


........JAI HIND..........
मुसीबत में शरीफ़ों की शराफ़त कम नहीं होती,
करो सोने के सौ टुकडे तो क़ीमत कम नहीं होती.
मुझे बचपन में ये सीख दी है मेरी मम्मी ने,
बुज़ुर्गों की दुआ लेने से इज्ज़त कभी कम नहीं होती.
जरूरतमंद को कभी देहलीज से ख़ाली ना लौटाओ,
भगवन के नाम पर देने से दौलत कम नहीं होती.
पकाई जाती है रोटी जो मेहनत के कमाई से,
हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती
याद करते है अपनी हर मुसीबत में जिन्हें हम
गुरु और प्रभु के सामने झुकने से गर्दन नीचे नहीं होती

जय हिंद ... वन्देमातरम .....

ना धरा न हमें आसमान चाहिए ,ना ही हमें ये सारा जहान चाहिए !
इच्छा नहीं टूटे फूटे घर की हमें ,हमें तो हमारा हिन्दुस्थान चाहिए !
हमें तो हमारा हिन्दुस्थान चाहिए ....
ना हमें छिछोरी राजनीती चाहिए ,न ही कपटी जनों की प्रीति चाहिए !
कोई रजा रानी होगा अपने लिए ,हमें न किसी से दया दान चाहिए !
हमें तो हमारा हिन्दुस्थान चाहिए.......
कृष्ण कन्हैया का देवालय चाहिए ,काशी विश्वनाथ की शिवालय चाहिए !
बद्री जगनाथ की सूर्म्या घाटियाँ ,राम लला का जन्म स्थान चाहिए !!
हमें तो हमारा हिन्दुस्थान चाहिए ......



........JAI HIND..........