आस्तीं धो रहा है सन्नाटादुश्मनी दिल की पुरानी चल रही है जान से .......
लडते लडते ज़िन्दगी गुजरी है बे ईमान से .....
ऐ वतन एक रोज तेरी ख़ाक में खो जायेगे ,सो जायेगे
मर के रिश्ता नहीं टूटेगा हिन्दुस्तान से ...ईमान से...
लडते लडते ज़िन्दगी गुजरी है बे ईमान से .....
ऐ वतन एक रोज तेरी ख़ाक में खो जायेगे ,सो जायेगे
मर के रिश्ता नहीं टूटेगा हिन्दुस्तान से ...ईमान से...
........JAI HIND..........

















