Tuesday, June 19, 2012

 हौसले हो बुलंद तों इरादों में भी पैनी धार मिलती हैं
वरना रेत की मानिंद जिंदगी मुठ्ठी से बेकार फिसलती हैं
मेरी ख़ामोशीयो को मेरी,,कमजोरी मत समझना तू,
जब चलती हैं निःशब्द हाथो से तब एक तलवार चलती हैं..

जिंदगी से मतलब नही,शहीदी तमन्ना मचलती हैं
उखड़ी उखड़ी साँसे ,,अब कुछ रह रह कर संभलती हैं
एक नया सवेरा दे जायेंगे,,हम आने वाली नस्लों को
नही तों कितनी ही शामे यहाँ,,गुमनामी सी पिघलती हैं..

हमे दल्ला मत समझना तू,किसी भी पार्टी का सुन ले
लबो से मुफ्त में गाली,,तेरे लिए हर बार निकलती हैं
मोदी संग जुड़े हैं सब,,क्या बच्चे,,बूढ़े और जवां ए ''निःशब्द''
और जब बूढी हाथो में हो बारूद ,,तब कही सरकार हिलती हैं

........JAI HIND..........

 जो निकल पड़े हो मर मिटने अब,वतन की आन के लिए
जिसने जला डाली आधी जिंदगी,,अपने हिंदुस्तान के लिए
हल दिल जिसे चाहता हैं कि यही हो भारत का नया राष्ट्रपति
मैं तहे दिल से दुआ करता हूँ,,ऐसे ''अब्दुल कलाम'' के लिए

जिसके हाथ कभी ना उठे,,सोनिया के आगे सलाम के लिए
जो हमेशा हर दिल में जगह बनाते रहे हर खासो आम के लिए
जिसने असली भारतीय होने की कई कई मिसाले पेश की
झुकता हैं ''निःशब्द '' सिर्फ आज,,ऐसे मुसलमान के लिए

जिसने अपनी चाहतो की हर हवेली तोड़ दी,इस जहान के लिए
जो हमेशा जाना गया अपनी सादगी और अपने काम के लिए
जिसमे थी कुवत दिखाने की हर मुल्ला मुसल्लम को आईना
जो एक नजीर बन गया हैं आज खुद मुहम्मद इस्लाम के लिए

उसे बना दो फिर से राष्ट्रपति इस हिंदुस्तान के लिए
आज तों कम से कम जग जाओ दोस्तों इस इंसान के लिए
सिर्फ 08082891049 पर देनी हैं तुम्हे एक मिस काल आज
कभी तों कुछ किया करो अपने इस भारत महान के लिए .....



वन्देमातरम.....................इन्कलाब जिन्दाबाद

........JAI HIND..........

Saturday, June 16, 2012

ताश के पत्तों से महल नही बनता ,
नदी को रोकने से कभी समंदर नहीं बनता ,
लड़ते रहो जिंदगी से हर घडी हर पल क्यूंकि ,
एक ही जीत से कोई सिकंदर नही बनता................

 देख आज ये भारत जाग रहा है, देखके के दुश्मन भाग रह है l
दुश्मन खड़ा नहीं है सामने, दुशमन तेरे साथ खडा है l
वो शब्द तेरे ही अलाप है, वो तुझको ही भांप रहा है l
न्याय का झूठा ढोंग दिखाकर, वो तुझको ही मार रहा है l
खुद हि दंगे करवाता वो, खुद ही जांच कराता है l
लेकर साथ गरीबों का वो, महलों पे महल बनाता है l
जात पात की आग लगाकर, वो सुकून से सो रहा है l
खुली आँख से सोने वालों, जब जागो तभी सवेरा है l
देख गौर से आज देश को चारों ओर अँधेरा है l
इस जंगे मैदान में अपनी पारी खेल गए वो अब बारी हमारी है l

भारत माता की जय



........JAI HIND..........

Wednesday, June 13, 2012

 खोलता रगों मई लहू रना व शिवाजी वाला, लहू का उफान कभी चुकने न पायेगा.
पन्ना ढाई हाडा रानी का ये बलिदानी देश, क़ुरबानी मई कलेजा दुखने न पायेगा.
शेखर शुभस अशफाक की धरा है यहाँ, क्रांति का प्रवाह कभी रुकने न पायेगा.
सो करोड़ जनता के दिल मई लहरता ये लाडला तिरंगा कभी जुकने न पायेगा.


........JAI HIND..........