Thursday, June 7, 2012


क्रांति कैसे आयेगी?


भ्रान्ति है यह पूछना कि
क्रांति कैसे आयेगी?
क्रांति खुद आती नहीं है.
क्रांति लाते
सिर कटाकर वे
जिन्हें तुम
सिरफिरा कहते हुए
थकते नहीं हो.
क्रांति लाते
जां हथेली पर लिये वे
देख जिनको
भागते हो तुम
कभी रुकते नहीं हो.
क्रांति लाते
आँख में सपना लिये वे
सामने जिनके अदब से
तुम कभी झुकते नहीं हो.
*
शब्द-वीरों ने हमेशा
क्रांति की बातें करीं
भाषण दिये पर
क्रांति से रह दूर
अपना स्वार्थ साधा.
सच कहूँ तो
क्रांति के पथ में हमेशा
निज हितों का ध्यान रखता
यही तबका बना बाधा.
*
कौन हो तुम?
चाहते क्या?
आकलन खुद का करो
निष्पक्ष रहकर.
निज हितों का
कर न सकते
त्याग यदि तो
क्रांति की बातें न कर
तुम होंठ सी लो.
अन्यथा बातें तुम्हारी
मानकर सच
जां गँवा बैठेंगे
बदलाव के चाहक
जवां बच्चे अकारण.
*चन्द्र शेखर आजाद क्रांति सेना की तरफ से सब भाई को जय हिंद.....


........JAI HIND..........

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