आज तिरंगा रॊता है...
रक्षक ही भक्षक बन कर,जब हाँथ लहू सॆ धॊता है !!
भारत माँ की हालत पर, अब राष्ट्र -तिरंगा रॊता है !!
Saturday, June 16, 2012
ताश के पत्तों से महल नही बनता , नदी को रोकने से कभी समंदर नहीं बनता , लड़ते रहो जिंदगी से हर घडी हर पल क्यूंकि , एक ही जीत से कोई सिकंदर नही बनता................
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